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होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ की दवा कैसे काम करती है? कैसे शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤† 'मीठी गोलियों' से इलाज का सिलसिला
होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ दवाओं के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² को लेकर आपके मन में कई सवाल उठते हैं। इस लेख में हमने सà¤à¥€ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर बात करने की कोशिश की है।
आज के समय में à¤à¥€ कई लोग à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवाओं को छोड़कर कई असाधà¥à¤¯ बीमारियों के लिठहोमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवाओं का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में बीमारियों को ठीक करने के लिठलोगों की दूसरी चà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤¸ होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ होती है। इसमें कई तरीके से मरीज को ठीक करने की कोशिश की जाती है। होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤ˆ दवा को आप खा सकते हैं, सूंघ सकते हैं और शरीर पर लगा à¤à¥€ सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में समय पर समय पर होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट और उसकी दवाओं के असर को लेकर कई सवाल उठते आठहै। साइंस तो अà¤à¥€ à¤à¥€ होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ को मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ नहीं देता है लेकिन दिलà¥à¤²à¥€ के होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ के डॉकà¥à¤Ÿà¤° पंकज अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² का मानना है कि कई रोगों के लिठहोमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ की दवा बेहद कारगर है और इससे शरीर को कोई नà¥à¤•सान नहीं होता है। हालांकि उनके अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, किसी गंà¤à¥€à¤° बीमारी के इलाज के लिठरोगी को केवल होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ पर निरà¥à¤à¤° नहीं रहना चाहिठवरना इसके नà¥à¤•सान à¤à¥€ हो सकते हैं। होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ दवाईयां कà¥à¤¯à¤¾ है, उनके फायदे, नà¥à¤•सान और पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— के बारे में ओà¤à¤®à¤à¤š टीम में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बात की दिलà¥à¤²à¥€ के होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ डॉ पंकज अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² से।
कà¥à¤¯à¤¾ है होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ का मतलब?
कई लोगों होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ दवा खाते तो है लेकिन उसके मतलब या शà¥à¤°à¥‚आत के बारे में कम जानते हैं। तो आइठआपको विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताते हैं होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ का मतलब। होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ दो शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ से बनता है, होमà¥à¤¯à¥‹ और पैथ। इसकी शà¥à¤°à¥‚आत 1807 में सैमà¥à¤à¤² हेनीमैन ने की थी और हर साल 10 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² को होमà¥à¤¯à¥Œà¤ªà¥ˆà¤¥ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जागरूकता फैलाने के लिठहोमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ दिवस के रूप में मनाया जाता है। दरअसल होमो का मतलब होता है à¤à¤• जैसा और पैथी का मतलब होती है बीमारी। मतलब साफ है कि यह चिकितà¥à¤¸à¤¾ पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ इस बात पर काम करती है लोहा को सिरà¥à¤« लोहा काट सकता है। अगर आपको पेट दरà¥à¤¦ या à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की बीमारी है, तो आपको इसे बढ़ाने की ही दवा दी जाती है। इसे हम à¤à¤• और उदाहरण से समठसकते हैं जैसे अगर आपके शरीर में खà¥à¤œà¤²à¥€ की दिकà¥à¤•त है, तो आपको खà¥à¤œà¤²à¥€ बढ़ाने वाली दवा ही दी जाती है, जिससे इस बीमारी को ठीक किया जा सके। हालांकि इसके अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ को लेकर आपको काफी सजग रहना पड़ता है।
कैसे बनाई जाती है होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ दवा ?
कई बार आपके मन में इन छोटी-छोटी सफेद गोलियों को देखकर सवाल आता होगा कि ये कैसे बनाई जाती है। तो होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ दवाओं को à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ पेड़-पौधों और धातà¥à¤“ं की मदद से अरà¥à¤• के रूप में बनाते हैं। इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² डायलà¥à¤¯à¥‚ट के रूप में किया जाता है। डॉ पंकज के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, दवा को डायलà¥à¤¯à¥‚ट रूप में बेहद संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है ताकि बीमारियों पर उसका अधिक असर हो। इसे ही होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ में पोटेंसी बढ़ाना कहते हैं या आपने होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवाओं की बोतल में इसे सी नाम से देखा à¤à¥€ होगा। इस पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ में चिकितà¥à¤¸à¤• मरीज की लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤², उनके खानपान और शरीर की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को लेकर विषेश दवा तैयार करेक देते हैं। साथ ही इसकी मातà¥à¤°à¤¾ का à¤à¥€ बहà¥à¤¤ बारीक रूप से धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखा जाता है। जबकि à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ में à¤à¤• बीमारी के लिठà¤à¤• ही दवा कई मरीजों के लिठकारगर होती है।
अब आपका सबसे बड़ा सवाल कि कà¥à¤¯à¤¾ होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवाà¤à¤‚ कारगर होती है? à¤à¤• मरीज को सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इस बात से फरà¥à¤• पड़ता है कि उसकी बीमारी जलà¥à¤¦à¥€ ठीक हो जाà¤à¥¤ फिर चाहे दवा होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• हो या à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤•। कई लोग à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवाà¤à¤‚ खाकर थक जाते हैं, तो होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ का सहारा लेते हैं। डॉ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यह कई असाधà¥à¤¯ बीमारियों में कारगर है और इसके इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से रोगी को आराम à¤à¥€ मिलता है लेकिन जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि किसी गंà¤à¥€à¤° बीमारी में आपको à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ का सहारा लेना चाहिठलेकिन अगर कई अनà¥à¤¯ बीमारियों में आप बिना किसी डर के होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ का सहारा ले सकते है। डॉ पंकज ने कहा कि कई बीमारियों में तो आप à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ और होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ दोनों का सहारा ले सकते हैं। इस दौरान होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ सहायक दवा के रूप में काम करती है। डायबिटीज, हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और हारà¥à¤Ÿ जैसी बीमारियों में सही डॉकà¥à¤Ÿà¤° का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करना बहà¥à¤¤ जरूरी है।
लेकिन फिर à¤à¥€ हम आपको यह सलाह देते हैं कि अपनी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को ठीक करने के लिठआप उचित चिकितà¥à¤¸à¤¾ पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ का सहारा लें और होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ की सही डॉकà¥à¤Ÿà¤° से ही इलाज कराà¤à¤‚ ताकि आपको इसका à¤à¤°à¤ªà¥‚र लाठमिल सके।
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